Wednesday, 10 May 2017

From my diary..

कुछ अलग है। ... 
सहर तो हुई हमेशा की तरह.. 
आज कुछ अलग सी थी.. 
न जाने क्यों एक कमी सी थी.. 
कुछ ज़्यादा ही सर्द थी.. 
हर तरफ एक अजीब  सी  ..
वीरानगी फैली हुई.. 
दुनिया हैरान परेशान थी.. 
सहमी कुछ -अनजान सी.. 
वाक़िफ़ न थी  .. ये दुनिया  
हुस्न ये भी है.. 
जो इसकी अलग पहचान है.. 
सहर नज़ीर 

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