कुछ अलग है। ...
सहर तो हुई हमेशा की तरह..
आज कुछ अलग सी थी..
न जाने क्यों एक कमी सी थी..
कुछ ज़्यादा ही सर्द थी..
हर तरफ एक अजीब सी ..
वीरानगी फैली हुई..
दुनिया हैरान परेशान थी..
सहमी कुछ -अनजान सी..
वाक़िफ़ न थी .. ये दुनिया
हुस्न ये भी है..
जो इसकी अलग पहचान है..
सहर नज़ीर
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