असली गुनहागार कौन ??
वह जो अपराध करता है ..या वह जो अपराध कराने पर मजबूर करता है ??
इस देश का हर नागरिक एक बेहद समझदार और भावुक है ..
पर वो उन लोगो के झूठे बहकावे में आ जाता है जो उन्हे अपराध करने को प्रेरित करते है ..
उनकी सोच पर नफरत का एक ऐसा आवारण पहना देते है कि उनकी सोचने समझने की शक्ती ही खत्म हो जाती है ..
और यह नफरत देश को सालो पीछे ले जाने का काम करती है ..
देश के सामने इतने ज्वालंत मुद्ददे है जैसे ..बिरोजगारी ,भूखमारी और .लाचारी से देश का इंसान बेहाल है ..
यह सब इंसान को मजबूर कर रहा है ..गलत रास्ते पर चलने के लिये ..
देश का मुखिया और उसके सिपहसलार अगर चाहें तो हर असभव काम भी संभव हो सकता है ..
देश का मुखिया भूल जाये कि फलाँ पार्टी का हूँ ..और सिर्फ उनको ही साथ लेकर मैं कुछ कर सकुँगा ..ऐसी सोच उनको छोटा बनाती है ..अब आप किसी पार्टी विषेश के नहीं बल्की हर इंसान के मुखिया है ..उनसे उम्मीद की जाती है कि वह सर्वोर्परी नहीं ..बल्की सारवोपरीये बने..और देश के हर नागरिक का दूख -सुख अपना समझ कर उसे दूर करें चाहे वो किसी धर्म -जाति का हो ..
जबतक देश से नफरत का बीज उखाड़ कर नहीं फेका जायेगा तबतक आशांती का माहौल रहेगा और उसमे सिर्फ मासूम लोग ही इसका शिकार होते रहेंगे ..
इस दुनिया में किसी को सारी उमर नहीं रहना ..एक ना एक दिन इस दुनिया से जाना है तो क्यौ न प्यार का बीज बोकर जायें ..
Saturday, 27 May 2017
Who is real culprit??
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